वीडीओ, वीपीडीओ भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों ने मंत्री गणेश जोशी को सौंपा ज्ञापन; कहा – अर्नलग्न आरोप लगाने वालों पर हो कार्यवाही, बेरोजगारों को मिले नियुक्ति

देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय, वीडीओ, वीपीडीओ (VDO/VPDO) भर्ती के चयनित अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने भर्ती के संबंध में धांधली के अर्नलग्न आरोप लगाकर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास किया है, ऐसे लोगों पर कार्यवाही करने के साथ ही बेरोजगारों को नियुक्ति दिलाने की भी मांग की है।

अभ्यर्थियों ने कहा कि, हमें बहुत हर्ष है कि वर्तमान भाजपा सरकार ने उत्तराखण्ड अधिनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के माध्यम से राज्य सरकार के अनेकों विभागों में विभिन्न समूह ‘ग’ स्तर की भर्ती परीक्षाएं बहुत ही पारदर्शी और निष्पक्षता के साथ सम्पन्न करवाई जा रही हैं। जिसमें हम जैसे हजारों मेहनती व कठिन परिश्रम करने वाले युवाओं का चयन हो रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार और आयोग बधाई के पात्र हैं।

उन्होंने कहा कि, गत वर्ष उत्तराखण्ड अधिनस्थ सेवा चयन आयोग ने दिसम्बर 2021 में स्नातक स्तरीय/वी.डी.ओ./वी.पी.डी.ओ. के 916 पदों के लिए परीक्षा सम्पन्न करवाई थी। जिसमेें लगभग ढाई लाख लोगों नें आवेदन किया था। आवेदन के लिहाज से यह उत्तराखण्ड के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा थी।

चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि, इस भर्ती परी़क्षा परिणाम में हम सभी मेेहनती अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिससे हमारे परिवार में बहुत ही खुशी का माहौल है। लेकिन उक्त भर्ती परीक्षा का परीक्षा परिणाम जारी होने बाद से ही कुछ असामाजिक तत्वों व फर्जी बेरोजगार संगठन द्वारा कुछ कोचिंग संचालको के साथ मिलकर अपने आर्थिक व राजनीतिक हित के लिए इस भर्ती परीक्षा को बिना किसी तथ्य व प्रमाण के ही भर्ती में अनियमितता व धांधली के अर्नलग्न आरोप लगाए जा रहे हैं। साथ ही इस भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे हम सभी चयनित अभ्यर्थियों का मानसिक शोषण हो रहा है और नियुक्ति प्रक्रिया में अनावश्यक रूप से विलम्ब हो रहा है।

अभ्यर्थियों ने कहा कि, हम सभी अभ्यर्थी इस भर्ती परीक्षा में बहुत ही कठिन परिश्रम के बाद सफल हुए हैं, लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों व और फर्जी बेरोजगार संगठन द्वारा राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और आयोग के ऊपर अपने राजनीतिक हित व राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए बेबुनियाद आरोप लगाये जा रहे हैं। जिससे कि आम जन-साधारण में राज्य सरकार की छवि धूमिल हो रही है और हम सभी चयनित अभ्यर्थियों का मानसिक उत्पीड़न हो रहा है।

चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि, उक्त भर्ती परीक्षा में लगभग 500 ऐसे चयनित अभ्यर्थी हैं जो कि इंटरमीडिएट भर्ती परीक्षा (कनिष्ठ सहायक आदि) में भी चयनित हैं, जो कि इस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता व शुचिता को दर्शाता है। साथ ही इस भर्ती परीक्षा का विरोध वो लोग कर रहे हैं जिनका इस भर्ती से कोई सरोकार नहीं है, ये लोग सिर्फ और सिर्फ अपने राजनीतिक हित के लिए इस भर्ती में चयनित नहीं हुए अभ्यर्थियों को विभिन्न माध्यमों से उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि, इस प्रकार के असामाजिक तत्वों व फर्जी संगठनों द्वारा राज्य सरकार व आयोग की छवि आम जन मानस के बीच धूमिल करने के लिए हर एक भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद भर्ती परीक्षाओं में धांधली और अनियमितता के अर्नलग्न आरोप लगाए जाते हैं जो कि उचित नहीं है।

चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि, उक्त भर्ती संबधी उनकी सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कैबिनेट मंत्री से मांग की है कि, उन्हें नियुक्ति दिलवाने के लिए संबधित अधिकारियों को निर्देशित कर जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किए जाएं ताकि आयोग का भर्ती परीक्षा कैलेंडर किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। साथ ही भर्ती परीक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास करने वालों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।

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