उत्तराखंड में विभिन्न विभागों में भरे जायेंगे यह रिक्त पद.. पंचायती राज विभाग को इस नियुक्ति पर जांच के आदेश..

देहरादून: अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष पी.सी गोरखा ने विभिन्न विभागों में रिक्त बैक लॉग पदों (Back Log Posts) की समीक्षा बैठक ली। जिसमें प्रदेश में अनेक विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों को नही भरा जाने पर आयोग के उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई।

विभागों द्वारा रिक्त पदों को भरे जाने को लेकर अधीनस्थ चयन आयोग (UKSSSC) को 2016 से अधियाचन भेजने की बात कही, जिसमें सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान होने से जल्द रिक्त पदों को भरे जाने की सहमती जताई। आयोग के उपाध्यक्ष पी. सी. गोरखा ने कहा कि, रिक्तियों को शीघ्र भरे जाने को लेकर सरकार को सिफारिश करेंगे।

समीक्षा के दौरान शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य व पेयजल विभाग के द्वारा रोस्टर नही बनाये जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है। इस संबन्ध में उपाध्यक्ष ने कहा की बैक लॉग पदों को जल्द भरा जाए। इस सम्बन्ध में कार्मिक विभाग के वरिष्ट अधिकारीयों के साथ जल्दी ही समीक्षा बैठक लेने का निर्णय लिया और मुख्यमंत्री मंत्री को ज्ञापन भेज बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सकें, जल्द भर्ती की स्वीकृति प्राप्त करने की बात कही।

निदेशक पंचायती राज विभाग को नैनीताल जिले में अनुसूचित जाति के पद के स्थान पर सामान्य व्यक्ति को नियुक्ति देने पर उपाध्यक्ष गोरखा ने फटकार लगाते हुए निदेशक को जाँच के आदेश देते हुए कहा कि, संवैधानिक नियम विरूद्ध अधिकारी ऐसा कोई कार्य ना करें, जिसमें आयोग उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगा। नैनीताल मामले में जांच कर आयोग को रिपोर्ट प्रेषित करने के आदेश दिए।

साथ ही देहरादून जिले के पुलिस विभाग के वरिष्ट अधिकारीयों के साथ अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के उत्पीड़न सम्बंधित 12 मामलों की समीक्षा ली और कहा जातिगत उत्पीड़न मामलो को विभाग तुरन्त संज्ञान लेकर कार्यवाही करने के साथ एस.सी- एसटी मामलों में पीड़ित व्यक्तियों को मुवावजा धनराशि देने के निर्देश दिए। साथ ही जिलों में एस.सी एसटी निगरानी कमेटी गठित कर जांच में त्वरित और सुगम कार्रवाई हो सकें। कमेटी गठित करने के भी निर्देश दिए गए।

इसके अलावा आयोग में लम्बित रवि कुमार हल्द्वानी ने स्वाथ्य विभाग रोस्टर के प्रकरण में गड़बड़ी को लेकर आयोग में शिकायत दायर की थी, जिसमे महानिदेशक स्वाथ्य विभाग ने रोस्टर उपाध्यक्ष के समक्ष रखा, जिसमें अनिमियतता देखी गई। जिस संबंध में 7 दिन के भीतर सुधार रोस्टर प्रस्तुत करने के आदेश दिए।

इस अवसर पर एस पी सिटी सरिता डोबाल, पल्लवी त्यागी, सुशील कुमार निदेशक अर्थ सांख्यकी, निदेशक संस्कृत शिक्षा एस पी खाली, निदेशक नन्दा देवी बायोस्फियर निशांत वर्मा, निदेशक पशुपालन डॉ नीरज सिंघल, निदेशक कोषागार बी एन पांडेय, निदेशक मनोज कुमार तिवारी पंचायती राज, आर.एल आर्या, जे एस रावत रेंजर राजा पार्क, संदीप चंद, जिला समाज कल्याण अधिकारी गोवर्धन सिंह, डॉ उमाशंकर कंडवाल, अनुज कौशिक, निर्देशक संदीप सिंह, पवन कुमार, के एस रावत, अरविंद नौटियाल, वि.के आगरी मौजूद रहे।

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