महान स्पिनर शेन वॉर्न ने महज 52 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा, निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर

खेल डेस्क: दुनिया के महान स्पिनरों में शुमार ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज क्रिकेटर शेन वॉर्न का निधन हो गया है। महज 52 साल की उम्र में विश्व क्रिकेट के दिग्गज का इस तरह से जाना खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा झटका है। वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 145 टेस्ट मैचों में 708 विकेट चटकाए थे। उनके नाम वनडै में 194 मैचों में 293 विकेट दर्ज है। 

फॉक्स स्पोर्ट्स न्यूज के मुताबिक, वॉर्न थाईलैंड के कोह सामुई में थे। माना जा रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। वॉर्न की मैनेजमेंट टीम की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, कोह सामुई के एक विला में शेन बेहोश पाए गए थे। बाद में उन्हें बचाया नहीं जा सका।

वॉर्न ने 12 घंटे पहले अपना आखिरी ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने रोड मॉर्श के निधन पर शोक जताया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था कि वो हमारे खेल के महान खिलाड़ी थे। उन्होंने बहुत से युवा लड़के और लड़कियों को प्रेरित किया था।

वॉर्न के नाम श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन के बाद सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है। उन्होंने 1992 से 2007 तक 145 टेस्ट मैच खेले थे, जिसमें उन्होंने 25.41 की गेंदबाज़ी औसत से 708 विकेट लिये। मुरलीधरन ने टेस्ट में 800 विकेट लिए थे।

1993 से 2005 तक वॉर्न ने 194 वनडे में 293 विकेट लिये। 1999 क्रिकेट विश्व कप की विजेता ऑस्ट्रेलियाई टीम में उनका अहम योगदान था। वॉर्न मुरलीधरन के बाद दुनिया के दूसरे गेंदबाज बने थे, जिन्होंने टेस्ट और वनडे मैचों में मिलाकर 1000 अंतरराष्ट्रीय विकेट लिए।

शेन वॉर्न ने भारत के खिलाफ 1992 में सिडनी टेस्ट से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच जनवरी, 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी में ही खेला था। जब वॉर्न रिटायर हुए उस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के तीन अन्य खिलाड़ियों ने भी संन्यास लिया था। इसमें ग्लेन मैकग्रा, डेमियन मार्टिन और जस्टिन लैंगर शामिल हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वॉर्न ने हैम्पशायर काउंटी क्रिकेट क्लब के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेला। इसके बाद साल 2008 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के कोच और कप्तान की भूमिका निभाई और टीम को आईपीएल में चैंपियन बनाया।

शेन वार्न विश्व क्रिकेट का एक ऐसा नाम जिन्होंने अपनी गेंदबाजी के जरिए स्पिन के मायने ही बदल दिए। अपनी गेंदबाजी के लिए वार्न ने दुनिया में एक ऐसी मिसाल कायम की जिसे क्रिकेट के इतिहास में हमेशा ही याद रखा जाएगा।

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